राजस्थान के हर विभाग की भर्ती परीक्षा में नकल करवाने ओर पेपर लीक करवाने के मामले में पुलिस व प्रशासन के लिए सिरदर्द बना सरगना जगदीश बिश्नोई को मंगलवार सुबह एसओजी टीम ने खाटूश्यामजी में दबोच लिया। पकड़ा गया जगदीश मूलत: जालोर के सांचोर स्थित दाता गांव का रहने वाला है। इसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपए इनाम घोषित कर रखा था। आरोपी इससे पहले 2017 में गिरफ्तार हुआ था। एसओजी के एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि जगदीश 2007 में सरकारी टीचर बना था। जो 2010 से निलंबित चल रहा है।
- ऐसे में अब इसे बर्खास्त करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखेंगे। ये 2002 से भर्ती परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने और पेपर लीक करवाने का काम कर रहा था। दिसंबर 2017 में जमानत मिलने के बाद भी इसने कई भर्तियों के पेपर लीक कर दिए। तब पुलिस ने इस पर 50 हजार रुपए की इनाम घोषित कर दिया। हर भर्ती परीक्षा से पहले इसे पकड़ने के लिए पुलिस मुख्यालय की तरफ से इनाम के साथ सकुर्लर जारी किया जाता है। अभी इसे वर्ष 2018 में बीएसटीसी परीक्षा शुरू होने से पहले बाड़मेर में वाॅट्सएप पर पेपर लीक करवाने के मामले में गिरफ्तार किया है। मंगलवार दोपहर में आरोपी को बाड़मेर कोर्ट में पेश किया, जहां से दस दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
इन भर्ती परीक्षाओं में करा चुका नकल
जगदीश बिश्नोई अब तक पुलिस भर्ती परीक्षा 2007, नर्सिंग भर्ती परीक्षा 2010, सैकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा 2012, राजस्थान रोडवेज परिचालक भर्ती परीक्षा 2012, राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा 2014, जूनियर अकाउंटेंट भर्ती परीक्षा 2015, पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में नकल करवा चुका है। इनमें कई बार गिरफ्तार हो चुका। फरारी के दौरान 2018 में बीएसटीसी भर्ती परीक्षा में नकल कराने का मामला सामने आ चुका।
खाटूश्यामजी दर्शन कर लिए थे, सालासर जाने के इंतजार में था
मंगलवार सुबह एसओजी एक टीम किसी बदमाश की तलाश में दबिश देने के लिए सीकर की तरफ जा रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जगदीश खाटूश्यामजी स्थित एक होटल के बाहर बैठा है। वह खाटूश्याम जी के दर्शन करने के बाद सालासर जाने के लिए किसी का इंतजार कर रहा था। ऐसे में अधिकारियों ने सीकर पहुंची टीम को तुरंत खाटूश्यामजी भेजा। जहां पर आरोपी की पहचान करके पकड़ लिया।
सेंटर से लीक हुए थे ज्यातादर पेपर, कई स्कूल प्रबंधन के नाम सामने आ सकते हैं
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि जगदीश ने ज्यादातर भर्तियों के पेपर परीक्षा केन्द्र से लीक करवाए थे। ऐसे में रिमांड के दौरान उन परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन और इस गैंग से जुड़े अन्य साथियों के बारे में जांच की जाएगी। एसओजी अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान कई स्कूल व कॉलेज प्रबंधन के नाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस की कड़ी निगरानी थी इसलिए शराब की तस्करी करने लगा था
जगदीश हरियाणा की गैंग की मदद से ऑनलाइन परीक्षाओं में कम्प्यूटर हैक कर नकल के मामलों में मास्टरमाइंड बना था। इन दिनों पुलिस व अन्य एजेंसियों के कारण भर्ती परीक्षाओं पर कड़ी निगरानी रहने के कारण जगदीश हरियाणा की अन्य गैंग के साथ मिलकर शराब व मादक पदार्थों की तस्करी में उतर गया।
पहले फर्जी परीक्षार्थी बैठाता था, जेल में एक और बदमाश मिला तो नकल कराने के लिए कम्प्यूटर, ब्लूटूथ खरीद लिए
एडिशनल एसपी करण शर्मा ने बताया कि जगदीश 2002 से भर्ती परीक्षा में केवल फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का काम करता था। 2007 में टोंक से गिरफ्तार होने के बाद इसे जयपुर जेल में रखा गया था। जहां पर इसकी जान-पहचान दिल्ली में मेडिकल प्री परीक्षा में नकल कराने वाले एक बदमाश से हुई थी। जिसने जगदीश को दिल्ली के गफ्फार बाजार में मिलने वाले नकल संबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान के बारे में बताया था। जमानत मिलते ही जगदीश वहां पहुंच गया। जहां से ब्लू-टूथ, अलग-अलग प्रकार कैमरे सहित कई नकल उपकरण खरीदकर ले आया। परीक्षा केन्द्र पर प्रबंधन के साथ सांठगांठ करके पेपर लीक करने में भी लग गया। जगदीश ने सब्जेक्ट के हिसाब एक्सपर्ट की टीम बना रखी थी। परीक्षा शरू होने से पहले ही पेपर मंगवाता और 15 से 20 मिनट में सॉल्व करवाकर तुरंत अपने अभ्यर्थियों को वितरित कर देता।